सुख बेरोज़गार के लिए रोज़गार है
सुख अकेले को मिला सच्चा प्यार है
सुख पिता के लिए लाडली की कुट्टी है
सुख काम से मिली एक एक्स्ट्रा छुट्टी है
सुख राही को मिली घर की रोटी है
सुख अंधे के लिए उसकी सोटी है
सुख प्रेम में मिला गुलाब है
सुख पाठक के लिए बढ़ीया किताब है
सुख मां के लिए बेटे का होना है
सुख धूप में जलते को छांव का कोना है
सुख चिड़ीयों की चहचहाहट है
सुख किसी अपने के आने की आहट है
सुख दोस्तों संग की नौटंकी है
सुख पैट्रोल से भरी स्कूटर की टंकी है
सुख बीता वो पुराना ज़माना है
सुख जज़बातों से भरा मैखाना है
सुख परिक्षार्थी के लिए सफल हो जाना है
सुख व्यापारी के लिए ग्राहक का आना है
सुख गृहणी के लिए बचत में हुई बढ़ौतरी है
सुख आम आदमी के लिए टैक्स में हुई कटौती है
सुख किसान के लिए बारिश का पानी है
सुख कॉलज में बनी मनमोहक कहानी है
सुख जागने वाले को आई जम्हाई है
सुख ठिठुरते को मिली रजाई है
सुख प्यासे को मिला लोटा पानी है
सुख बच्चे के लिए मां से सुनी कहानी है
सुख बेघर के लिए छत का पाना है
सुख भूखे को मिला भोजन का दाना है
सुख वह है जो हमने जाना नहीं
पास खड़ा था पर पहचाना नहीं
खोजने चले उसे जो साथ में था
जो तुझे चाहिए मेरे पास वो था
मैं आगे बढ़ गई सोच कि सुख मुझे तलाश रहा है
वो पीछे खड़ा हुआ मुझपर मुस्कुरा रहा है :-)
बहुत अच्छे बिम्ब वाली कविता।
ReplyDeleteवाह!!
In essence we should thank god for pain without which there would be no pleasure thanks for the sorrow without which there would be no happiness , darkness without which we would know not light. Scarcity that defines abundance. Hate and it's nemesis love
ReplyDeleteGreat writing :)
ReplyDeleteNice lines.. love wat u have ryt nw.. just luv lyf.. :)
ReplyDeleteMissed dis post last tm. Again great way to realise how to be greatful and feel gratitude in life to live happily. Gud wrk
ReplyDeleteThe Truth about perspective ..
ReplyDeleteGr8 Work